सोलर रूफटॉप बिजली बचत एवं पीएम सूर्य घर सब्सिडी कैलकुलेटर 2026
छत पर सोलर पैनल लगाने से मासिक कितनी यूनिट बिजली बनेगी, कितने रुपये की बचत होगी और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत ₹78,000 तक की सरकारी सब्सिडी का सटीक आकलन करें।
Direct Benefit Transfer (DBT) into consumer bank accounts: ₹30,000 for 1 kW, ₹60,000 for 2 kW, and maximum ₹78,000 for ≥3 kW residential rooftop systems.
क्या आपको अपने राज्य के सटीक घरेलू स्लैब और टैक्स के साथ गणना करनी है?
Compare your solar rooftop generation directly against state DISCOM domestic telescopic slabs (TNEB, KSEB, BESCOM, MSEDCL, UPPCL, WBSEDCL, etc.).
सोलर रूफटॉप बचत कैलकुलेटर 2026 का उपयोग कैसे करें
सोलर क्षमता (kW) चुनें
1 kW (1-2 BHK), 2 kW (2-3 BHK) या 3 kW (अधिकतम ₹78,000 सरकारी सब्सिडी)।
दैनिक धूप के घंटे सेट करें
भारत में अधिकांश राज्यों में औसतन 4.5 से 5.5 घंटे तेज धूप मिलती है।
बिजली बोर्ड का यूनिट रेट दर्ज करें
अपने राज्य का बिजली टैरिफ (जैसे ₹6.50 से ₹8.50 प्रति यूनिट) दर्ज करें।
मासिक बचत एवं पे-बैक अवधि देखें
मासिक बिजली उत्पादन, वार्षिक शुद्ध बचत और निवेश वापसी का समय तुरंत देखें।
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सोलर रूफटॉप बिजली उत्पादन, सरकारी सब्सिडी एवं बचत की संपूर्ण गणना
भारत सरकार की पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana) के अंतर्गत आवासीय छतों पर ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पैनल लगाने पर सीधे बैंक खाते में अधिकतम ₹78,000 की पूंजीगत सब्सिडी (CFA) दी जा रही है। नेट-मीटरिंग तकनीक की मदद से आपका मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो सकता है।
छोटे घरों के लिए उपयुक्त जहाँ 100 से 130 यूनिट मासिक खपत है। प्रतिदिन लगभग 4.2 यूनिट बनाता है। छत क्षेत्र लगभग 85 वर्ग फुट।
मध्यम 2-3 बीएचके घरों के लिए सर्वोत्तम (मासिक खपत 200-260 यूनिट)। प्रतिदिन लगभग 8.4 यूनिट उत्पादन। छत क्षेत्र ~170 वर्ग फुट।
घरेलू श्रेणी में सबसे अधिक सब्सिडी वाला सिस्टम। प्रतिदिन लगभग 12.6 यूनिट (मासिक 375-400 यूनिट) पैदा करता है। एसी और गीजर चलने पर भी बिल शून्य।
📐 केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) एवं MNRE के तकनीकी सूत्र
दैनिक यूनिट = सोलर क्षमता (kW) × (धूप के घंटे / 5.0) × 4.2
भारत में 1 किलोवाट सोलर पैनल 5 घंटे धूप में औसतन 4.2 यूनिट प्रतिदिन बनाता है (वार्षिक लगभग 1,500 यूनिट)।
वापसी अवधि (वर्ष) = शुद्ध लागत (₹) / वार्षिक बिजली बचत (₹)
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली-एनसीआर के दरों पर केवल 2.5 से 3.5 वर्षों में पूरा खर्च वसूल हो जाता है। अगले 21+ वर्ष बिजली मुफ़्त!
🔄 बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) के साथ नेट-मीटरिंग कैसे कार्य करती है
ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम लगाने पर बिजली बोर्ड आपके मीटर को बदलकर बाय-डायरेक्शनल नेट मीटर लगाता है:
सोलर बिजली से पहले घर के उपकरण चलते हैं। बची हुई अतिरिक्त बिजली सीधे ग्रिड में जाती है और मीटर उल्टा घूमता है।
रात को सूरज ढलने पर आपका घर ग्रिड से बिना किसी बाधा के सामान्य बिजली लेता है।
महीने के अंत में केवल: (इम्पोर्ट यूनिट − एक्सपोर्ट सोलर यूनिट) का बिल आता है। सरप्लस यूनिट अगले महीने क्रेडिट हो जाती है।